UPSC Mains GS Paper-1 Topic Wise Previous years Questions


सामान्य अध्ययन - 1

18वी सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास - महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व,विषय।
स्वतंत्रता संग्राम - इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

● यंग बंगाल एवं ब्रह्मो  समाज के विशेष संदर्भ में सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के उत्थान तथा विकास को रेखांकित कीजिए। (2021)

● नरमपंथियों की भूमिका ने किस सीमा तक व्यापक स्वतंत्रता आन्दोलन का आधार तैयार किया ? टिप्पणी कीजिए । (2021)

● असहयोग आन्दोलन एवं सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान महात्मा गाँधी के रचनात्मक कार्यक्रमों को स्पष्ट कीजिए । (2021)

● लॉर्ड कर्जन की नीतियों एवं राष्ट्रीय आंदोलन पर उनके दूरगामी प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए । (2020)

● 1920 के दशक से राष्ट्रीय आंदोलन ने कई वैचारिक धाराओं को ग्रहण किया और अपना सामाजिक आधार बढ़ाया । विवेचना कीजिए । (2020)

●  1857 का विप्लव ब्रिटिश शासन के पूर्ववर्ती सौ वर्षों में बार - बार घटित छोटे एवं बड़े स्थानीय विद्रोहों का चर्मोत्कर्ष था । सुस्पष्ट कीजिए । (2019)

● उन्नीसवीं शताब्दी के भारतीय पुनर्जागरण और राष्ट्रीय पहचान के उद्भव के मध्य सहलग्नताओं का परीक्षण कीजिए ।  (2019)

● गांधीवादी प्रावस्था के दौरान विभिन्न स्वरों ने राष्ट्रवादी आंदोलन को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाया था । विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए । (2019)

● 1940 के दशक के दौरान सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को जटिल बनाने में ब्रिटिश साम्राज्यिक सत्ता की भूमिका का आकलन कीजिए । (2019)

● वर्तमान समय में महात्मा गाँधी के विचारों के महत्व पर प्रकाश डालिए । (2018)

● सुस्पष्ट कीजिए कि मध्य - अठारहवीं शताब्दी का भारत विखंडित राज्यतंत्र की छाया से किस प्रकार ग्रसित था । (2017)

● परीक्षण कीजिए कि औपनिवेशिक भारत में पारम्परिक कारीगरी उद्योग के पतन ने किस प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अपंग बना दिया ।  (2017)

● क्या कारण था कि उन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक आते - आते ' नरमदलीय ' अपनी घोषित विचारधारा एवं राजनीतिक लक्ष्यों के प्रति राष्ट्र के विश्वास को जगाने में असफल हो गए थे ? (2017)

● आधुनिक भारत में , महिलाओं से संबंधित प्रश्न 19 वीं शताब्दी के सामाजिक सुधार आंदोलन के भाग के रूप में उठे थे । उस अवधि में महिलाओं से संबद्ध मुख्य मुद्दे और विवाद क्या थे ?  (2017)

● पिछली शताब्दी के तीसरे दशक से भारतीय स्वतंत्रता की स्वप्न दृष्टि के साथ सम्बद्ध हो गए नए उद्देश्यों के महत्त्व को उजागर कीजिए । (2017)

● यह स्पष्ट कीजिए कि 1857 का विप्लव किस प्रकार औपनिवेशिक भारत के प्रति ब्रिटिश नीतियों के विकासक्रम में एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ है । (2016)

● स्वतंत्रता संग्राम में , विशेष तोर पर गांधीवादी चरण के दौरान महिलाओं की भूमिका का विवेचन कीजिए । (2016)

● स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में सुभाषचंद्र बोस एवं महात्मा गांधी के मध्य दृष्टिकोण की भिन्नताओं पर प्रकाश डालिए । (2016) 

● महात्मा गांधी के बिना भारत की स्वतंत्रता की उपलब्धि कितनी भिन्न हुई होती ? चर्चा कीजिए । (2015)

● स्वतंत्र भारत के लिए संविधान का मसौदा केवल तीन साल में तैयार करने के ऐतिहासिक कार्य को पूर्ण करना संविधान सभा के लिए कठिन होता , यदि उनके पास भारत सरकार अधिनियम , 1935 से प्राप्त अनुभव नहीं होता । चर्चा कीजिए । (2015)

● पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 में लड़ा गया था । क्या कारण हैं कि इतनी अधिक साम्राज्य - प्रकंपी लड़ाइयाँ पानीपत में लड़ी गई थीं ? (2014)

● भारत में अठारहवीं शताब्दी के मध्य से स्वतंत्रता तक अंग्रेजों की आर्थिक नीतियों के विभिन्न पक्षों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए । (2014)

● किन प्रकारों से नौसैनिक विद्रोह भारत में अंग्रेजों की औपनिवेशिक महत्त्वकांक्षाओं की शव - पेटिका में लगी अंतिम कील साबित हुआ था ? (2014)

● आयु , लिंग तथा धर्म के बंधनों से मुक्त होकर , भारतीय महिलाएँ भारत के स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी बनी रहीं । विवेचना कीजिए | (2013)

● अनेक विदेशियों ने भारत में बसकर , विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया । भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उनकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए । (2013)

● “अनेक प्रकार से लॉर्ड डलहौजी ने आधुनिक भारत की नींव रखी थी ।" व्याख्या कीजिए । (2013)


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